Skip to content

🎁 Free Gift On Prepaid Orders

✔️Get Products As Shown

Key Takeaways

  • Replace with 2–4 crisp, value-first bullets.
  • Short sentences; no fluff to keep CLS low.
  • Use internal links below to improve crawl depth.

रिवर्स केगेल एक्सरसाइज क्या है?

रिवर्स केगेल एक्सरसाइज नॉर्मल केगेल एक्सरसाइज का विपरीत है। जहां केगेल में आप पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ते हैं, वहीं रिवर्स केगेल में आप इन मांसपेशियों को रिलैक्स और थोड़ा नीचे की ओर धकेलते हैं।

यह एक एडवांस्ड तकनीक है जो पेल्विक फ्लोर को बैलेंस करने, टाइट मांसपेशियों को रिलैक्स करने और समग्र पेल्विक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करती है।

केगेल vs रिवर्स केगेल - क्या अंतर है?

फीचर केगेल एक्सरसाइज रिवर्स केगेल
मूवमेंट मांसपेशियों को सिकोड़ना (ऊपर खींचना) मांसपेशियों को रिलैक्स करना (नीचे धकेलना)
उद्देश्य मांसपेशियों को मजबूत बनाना मांसपेशियों को रिलैक्स करना
कब करें कमजोर पेल्विक फ्लोर के लिए टाइट पेल्विक फ्लोर के लिए
लेवल बिगिनर फ्रेंडली इंटरमीडिएट-एडवांस्ड

रिवर्स केगेल एक्सरसाइज किसे करनी चाहिए?

आपको रिवर्स केगेल करनी चाहिए अगर:

पेल्विक फ्लोर बहुत टाइट है - लगातार केगेल करने से मांसपेशियां बहुत टाइट हो गई हैं

पेल्विक पेन है - पेल्विक एरिया में दर्द या असुविधा

कब्ज की समस्या - मल त्याग में कठिनाई

यूरिनेशन में दिक्कत - पेशाब शुरू करने में परेशानी

सेक्स के दौरान दर्द - इंटिमेसी के दौरान असुविधा

वेजिनिस्मस - वेजाइनल मसल्स का अनैच्छिक सिकुड़ना

रिवर्स केगेल न करें अगर:

❌ पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स है

❌ यूरिन लीकेज की समस्या है

❌ पेल्विक फ्लोर बहुत कमजोर है

❌ हाल ही में डिलीवरी हुई है (पहले 6 महीने)

रिवर्स केगेल एक्सरसाइज कैसे करें? स्टेप बाय स्टेप

स्टेप 1: सही मांसपेशियों को पहचानें

  • पेशाब या मल त्याग करते समय जो मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, वही पेल्विक फ्लोर हैं
  • यह वही सेंसेशन है जो आप महसूस करते हैं जब आप बाथरूम में धकेलते हैं

स्टेप 2: आरामदायक पोजीशन

  • पीठ के बल लेटें या आरामदायक कुर्सी पर बैठें
  • पूरे शरीर को रिलैक्स करें
  • गहरी सांस लें

स्टेप 3: रिवर्स केगेल करें

  • गहरी सांस लें
  • पेल्विक फ्लोर को धीरे-धीरे नीचे की ओर धकेलें
  • जैसे आप पेशाब या मल त्याग को तेज करना चाहते हैं
  • 5 सेकंड के लिए होल्ड करें
  • धीरे-धीरे रिलैक्स करें
  • 5 सेकंड आराम करें

स्टेप 4: रिपीटीशन

  • बिगिनर्स: 5-8 रिपीट, 2 सेट
  • इंटरमीडिएट: 10 रिपीट, 3 सेट
  • एडवांस्ड: 10-15 रिपीट, 3-4 सेट

रिवर्स केगेल के 5 वेरिएशन

1. बेसिक रिवर्स केगेल

कैसे करें:

  • लेटकर या बैठकर करें
  • 5 सेकंड होल्ड, 5 सेकंड रिलैक्स
  • 8-10 बार दोहराएं

2. ब्रीदिंग रिवर्स केगेल

कैसे करें:

  • गहरी सांस लेते समय पेल्विक फ्लोर को नीचे धकेलें
  • सांस छोड़ते समय रिलैक्स करें
  • 10 बार दोहराएं

फायदा: सांस और पेल्विक फ्लोर का कोऑर्डिनेशन बढ़ाता है

3. स्क्वाट के साथ रिवर्स केगेल

कैसे करें:

  • स्क्वाट पोजीशन में जाएं
  • नीचे जाते समय पेल्विक फ्लोर को रिलैक्स करें
  • ऊपर आते समय नॉर्मल पोजीशन में आएं
  • 10-12 बार दोहराएं

4. चाइल्ड पोज़ के साथ रिवर्स केगेल

कैसे करें:

  • योगा की चाइल्ड पोज़ में आएं
  • गहरी सांस लें और पेल्विक फ्लोर को रिलैक्स करें
  • 30-60 सेकंड होल्ड करें

फायदा: गहरी रिलैक्सेशन और स्ट्रेचिंग

5. हैप्पी बेबी पोज़ के साथ

कैसे करें:

  • पीठ के बल लेटें
  • घुटने छाती की ओर लाएं
  • पैरों को हाथों से पकड़ें
  • इस पोजीशन में पेल्विक फ्लोर को रिलैक्स करें
  • 30-60 सेकंड होल्ड करें

रिवर्स केगेल के फायदे

1. पेल्विक पेन में राहत

टाइट पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को रिलैक्स करके दर्द कम करता है।

2. कब्ज में सुधार

मल त्याग के दौरान मांसपेशियों को रिलैक्स करना सीखते हैं, जिससे कब्ज कम होता है।

3. यूरिनेशन में आसानी

पेशाब शुरू करने में होने वाली दिक्कत कम होती है।

4. सेक्सुअल हेल्थ में सुधार

इंटिमेसी के दौरान दर्द कम होता है और आराम बढ़ता है।

5. पेल्विक फ्लोर बैलेंस

केगेल और रिवर्स केगेल का कॉम्बिनेशन पेल्विक फ्लोर को बैलेंस्ड रखता है - न बहुत टाइट, न बहुत लूज़।

6. वेजिनिस्मस में मदद

वेजाइनल मसल्स के अनैच्छिक सिकुड़ने की समस्या में राहत।

केगेल और रिवर्स केगेल का कॉम्बिनेशन

सबसे अच्छे रिजल्ट के लिए दोनों एक्सरसाइज करें:

बैलेंस्ड रूटीन:

सुबह:

  • 10 केगेल (सिकोड़ना)
  • 5 रिवर्स केगेल (रिलैक्स करना)

दोपहर:

  • 10 केगेल
  • 5 रिवर्स केगेल

शाम:

  • 10 केगेल
  • 5 रिवर्स केगेल

अनुपात: आमतौर पर 2:1 का अनुपात अच्छा है - 2 केगेल के लिए 1 रिवर्स केगेल

रिवर्स केगेल करते समय गलतियां

बहुत जोर से धकेलना - धीरे और कंट्रोल के साथ करें

सांस रोकना - नॉर्मल सांस लेते रहें

पेट की मांसपेशियां इस्तेमाल करना - सिर्फ पेल्विक फ्लोर पर फोकस करें

बहुत ज्यादा करना - शुरुआत में कम से शुरू करें

गलत समय पर करना - अगर पेल्विक फ्लोर कमजोर है तो पहले केगेल करें

कब दिखेंगे रिजल्ट?

  • 1-2 हफ्ते: मांसपेशियों को रिलैक्स करना सीखेंगे
  • 3-4 हफ्ते: पेल्विक पेन में कमी
  • 6-8 हफ्ते: कब्ज और यूरिनेशन में सुधार
  • 8-12 हफ्ते: सेक्सुअल हेल्थ में सुधार

योग और रिवर्स केगेल

भारतीय महिलाओं के लिए योग के साथ रिवर्स केगेल का कॉम्बिनेशन बेहतरीन है:

बेस्ट योगासन:

1. मलासन (स्क्वाट पोज़): पेल्विक फ्लोर को स्ट्रेच और रिलैक्स करता है

2. बालासन (चाइल्ड पोज़): गहरी रिलैक्सेशन

3. सुप्त बद्ध कोणासन: हिप ओपनर और पेल्विक रिलैक्सेशन

4. हैप्पी बेबी पोज़: पेल्विक फ्लोर स्ट्रेच

सवाल-जवाब

Q: क्या रिवर्स केगेल सभी को करनी चाहिए?
नहीं, सिर्फ उन्हें जिनकी पेल्विक फ्लोर टाइट है या पेल्विक पेन है।

Q: क्या रिवर्स केगेल से यूरिन लीकेज बढ़ सकता है?
हां, अगर आपकी पेल्विक फ्लोर पहले से कमजोर है तो रिवर्स केगेल न करें।

Q: कितनी बार करनी चाहिए?
दिन में 2-3 बार, हर बार 5-10 रिपीटीशन।

Q: क्या प्रेगनेंसी में कर सकते हैं?
डॉक्टर की सलाह लें। आमतौर पर सुरक्षित है लेकिन केस-बाय-केस निर्भर करता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

⚠️ अगर रिवर्स केगेल करने के बाद दर्द बढ़ जाए

⚠️ यूरिन लीकेज शुरू हो जाए

⚠️ 8 हफ्ते बाद भी कोई सुधार न हो

⚠️ पेल्विक एरिया में भारीपन महसूस हो

निष्कर्ष

रिवर्स केगेल एक्सरसाइज एक एडवांस्ड तकनीक है जो टाइट पेल्विक फ्लोर को रिलैक्स करने, पेल्विक पेन कम करने और समग्र पेल्विक स्वास्थ्य को बैलेंस करने में मदद करती है।

याद रखें: केगेल और रिवर्स केगेल दोनों का बैलेंस जरूरी है। एक मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, दूसरा उन्हें रिलैक्स करना सिखाता है।

अगर आपको पेल्विक पेन, कब्ज या सेक्स के दौरान दर्द है, तो रिवर्स केगेल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन शुरू करने से पहले किसी पेल्विक फ्लोर फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह जरूर लें।

Kamal Choudhary

About Kamal Choudhary

Insights curated for Mulmil readers.

Get our latest updates

Subscribe for fresh tips, trends & offers.